Bahan ki naukar se hui chudai:- पिछले पार्ट में प्रीति दीदी ड्राइवर के कमरे में पूरी तरह नंगी हो चुकी थीं। ड्राइवर ने उनकी पैंटी उतार दी थी और चुदाई शुरू होने वाली थी। विक्रम खिड़की से सब देख रहा था।
Part 1 ==> लंगड़ी बहन नौकर से चुद गई -1
फिर ड्राइवर ने दीदी की चूत को पैंटी के ऊपर से चूमना शुरू किया। वो आहें भरने लगीं। उसके बाद ड्राइवर ने दीदी की पैंटी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थीं उसके सामने। दीदी की चूत एकदम चिकनी थी, और आस-पास से फूली हुई थी। फिर दीदी ने ड्राइवर को चूत की तरफ इशारा किया। वो उसको चूत चाटने के लिए बोल रही थीं।
Bahan ki naukar se hui chudai sex story
दीदी का इशारा पाते ही ड्राइवर ने अपना मुँह दीदी की चूत पर लगाया और उसको चाटने लगा। इससे दीदी और गरम होने लगीं और आह-आह करने लगीं। वो गाँड उठा-उठाकर चूत चटवा रही थीं। फिर ड्राइवर चूत का मुँह अपने हाथ से खोलकर अंदर जीभ डालने लगा। इससे दीदी को और मजा आने लगा।
कुछ देर ऐसे ही करने के बाद दीदी ने ड्राइवर के बाल पकड़े और उसको अपने ऊपर खींचने लगीं। ड्राइवर दीदी के ऊपर गया और दोनों किसिंग करने लगे। किसिंग करते हुए दोनों बिस्तर पर घूमने लगे।
घूमने के दौरान ड्राइवर का लंड बार-बार दीदी की चिकनी चूत पर टकरा रहा था। फिर दीदी ने ड्राइवर को चोदने के लिए कहा।
अब दोनों मिशनरी पोजीशन में आ गए, और ड्राइवर अपने लंड को दीदी की चूत पर रगड़ने लगा। जब वो लंड रगड़ता, तो दीदी गाँड उठाकर लंड को अंदर लेने की कोशिश करतीं। फिर ड्राइवर ने लंड का टोपा चूत के मुँह पर सेट किया और धक्का मारा।
जैसे ही ड्राइवर ने दीदी की चूत में लंड का धक्का मारा, उसका आधा लंड मेरी दीदी की चूत में चला गया। दीदी के मुँह से जोर की सिसकी निकली, और उन्होंने ड्राइवर की पीठ पर अपने नाखून गाड़ दिए। लेकिन उन्होंने एक बार भी उसको रोका नहीं।
फिर ड्राइवर पहले धीरे-धीरे कमर आगे-पीछे करने लगा। जितना लंड चूत के अंदर जा चुका था, ड्राइवर उतने ही लंड को चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। दीदी के मुँह से आह-आह की कामुक आवाजें निकल रही थीं। वो चूत चुदवाते हुए ड्राइवर के होंठ बीच-बीच में चूस रही थीं।
कुछ देर ड्राइवर ने ऐसे ही धक्के देने के बाद जोर के 2-3 धक्के मारे। इससे दीदी की चीखें निकलने लगीं और ड्राइवर का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। कुछ सेकंड्स के लिए दीदी तड़पने लगीं। लेकिन ड्राइवर नहीं रुका। उसने दीदी के होंठों को अपने होंठों से लॉक किया और धक्के मारता रहा।
कुछ देर में दीदी का दर्द कम हो गया और उनको मजा आने लगा। अब वो गाँड उठा-उठाकर अपनी चूत में उस ड्राइवर का लंड ले रही थीं।
दीदी की चूत से काफी पानी बह रहा था। उसमें से कुछ पानी लंड को चिकना कर रहा था और कुछ चूत से निकलकर गाँड के सुराख तक जा रहा था। गीले लंड और गीली चूत के मिलन से चप-चप की आवाजें आ रही थीं।
कुछ देर दोनों ऐसे ही चुदाई करते रहे। फिर ड्राइवर ने लंड चूत से निकाला और बेड के साथ खड़ा हो गया। उसका लंड दीदी की चूत के पानी से भीगा हुआ था और चमक रहा था। दीदी भी जल्दी से उठीं और ड्राइवर के लंड के सामने डॉगी पोजीशन ले लीं।
फिर दीदी ने अपना मुँह खोला और उस गीली लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं। उनके एक्सप्रेशन से लग रहा था कि उनको ऐसा करने में बहुत मजा आ रहा था। लेकिन ऐसा तो रंडियाँ भी नहीं करतीं। दीदी को ऐसे करते देख मुझे समझ आ गया था कि दीदी पूरी छिनाल बन चुकी थीं।
लंड चुसवाते हुए ड्राइवर दीदी की सेक्सी गाँड पर लातें मार रहा था। उसके बार-बार गाँड पर मारने की वजह से दीदी के चूतड़ लाल हो गए थे। फिर ड्राइवर ने दीदी के मुँह में जोर के धक्के देने शुरू कर दिए। इससे दीदी की साँस रुकने लगी। लेकिन वो उसको रोक नहीं रही थीं।
कुछ देर में दीदी ने लंड मुँह से निकाला और ड्राइवर को कुछ इशारा किया। दीदी का इशारा पाते ही ड्राइवर बेड पर चढ़ा और मेरी घोड़ी बनी दीदी के पीछे आ गया। फिर वो दीदी के पीछे घुटनों पर बैठा और अपना लंड पीछे से दीदी की चूत पर सेट करने लगा।
ड्राइवर ने एक ही झटके में दीदी की चूत में लंड डाल दिया और उसकी चुदाई फुल स्पीड पर शुरू कर दी। उसके लंड के धक्के जब दीदी की चूत में लग रहे थे, तो दीदी के चेहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे। दीदी के चेहरे पर सुकून था और मुँह से आहें निकल रही थीं। ऐसा लग रहा था जैसे उनको जन्नत का मजा आ रहा हो। मेरी गर्लफ्रेंड्स के मुँह पर भी ऐसे ही एक्सप्रेशन होते हैं चुदाई के टाइम पर।
कुछ देर ऐसे ही चुदाई के बाद ड्राइवर ने अपना लंड दीदी की चूत से निकाला। फिर वो लंड गाँड पर सेट करने लगा। ये देखकर मैं हैरान हो गया। मैंने सोचा कि दीदी मना करेंगी, लेकिन वो तो उल्टा गाँड हिलाने लग गईं। मतलब मेरी दीदी इतनी बड़ी रंडी बन चुकी थीं कि चूत तो मरवाई ही थी, और गाँड भी मरवा रही थीं।
ड्राइवर ने अपना लंड दीदी की गाँड पर रखा और धक्का मारा। दीदी के मुँह से चीख निकली और वो बोलीं—
प्रीति: थोड़ा धीरे करो।
ड्राइवर दीदी की बात सुनकर मुस्कुराया और फिर से जोर का धक्का मारा। दीदी फिर से चिल्लाईं। लेकिन इस बार धीरे करने को नहीं बोला।
ड्राइवर का लंड दीदी की गाँड में फँस चुका था। लेकिन अभी सिर्फ टोपा ही गया था। फिर ड्राइवर ने दीदी के चूतड़ों को पकड़कर थोड़ा खोला, और लंड से गाँड के छेद पर प्रेशर बनाने लगा। इससे धीरे-धीरे लंड गाँड में जाने लगा।
दीदी सिसकियाँ भर रही थीं और ड्राइवर लंड घुसाए जा रहा था। धीरे-धीरे पुश करते-करते ड्राइवर का पूरा लंड दीदी की मस्त गाँड में चला गया। फिर वो कुछ देर वहीं रुक गया और दीदी आहें भरती रहीं।
जब कुछ देर बाद दीदी थोड़ी ठीक हुईं, तो उसने लंड आगे-पीछे करना शुरू किया। अब दीदी आहें भरने लगीं और बोलीं—
प्रीति: आह, रगड़ मार रहा है तुम्हारा गुल्ला गाँड में। बहुत मजा आ रहा है आह।
ये सुनकर ड्राइवर ने अपनी स्पीड बढ़ाई और तेजी से चोदने लगा। दीदी मुँह खोलकर आह-आह करने लगीं। गाँड चोदते हुए ड्राइवर अपना दाहिना हाथ आगे लेकर आया और जाँघ से घुमाकर चूत पर ले गया।
अब वो दीदी की गाँड चुदाई करते हुए चूत रगड़ने लगा। मेरी बहन आह-आह उफ्फ ओह कर रही थीं। मैं अच्छे से समझ रहा था कि वो कितने मजे में थीं। जब मैं मेरी गर्लफ्रेंड्स की हार्डकोर चुदाई करता हूँ, तो वो भी ऐसी ही मोअनिंग करती हैं।
कुछ देर ड्राइवर दीदी की गाँड चुदाई करता रहा। उसके बाद उसने लंड निकाला और दीदी के मुँह के सामने आ गया। अब वो जोर-जोर से अपना लंड हाथ में लेकर हिला रहा था। कुछ 10-15 सेकंड्स बाद उसके लंड से गाढ़े माल की पिचकारी निकली और सीधे मेरी दीदी के मुँह पर जा गिरी।
दीदी के चेहरे पर खुशी थी, संतुष्टि वाली खुशी। वो अपने हाथ से सारा माल इकट्ठा किया और उसको अपने मुँह में लेकर पी गईं। फिर ड्राइवर कपड़े पहनने लगा। दीदी भी उठीं और कपड़े पहनकर बाहर आने लगीं। मैं साइड में होकर छिप गया। पहले मैंने सोचा मम्मी-डैडी को बताऊँ। लेकिन फिर सोचा अब बताकर भी क्या फायदा। सो मैंने ये बात राज़ ही रखी।
आगे क्या हुआ पढ़ें नेक्स्ट पार्ट में।