Desi housewife huma ki chudai kahani:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मिश्रा पान वाला जब हुमा के घर शांता की मदद से उसको हुमा को चोदने आया था। दोनों बेडरूम मे चुदाई कर ही रहे थे कि हुमा का पति घर आ जाता है। शांता उनको फोन कर देती है। दोनों डर जाते है। अब हुमा को घर मे चुदाई करना सेफ नहीं लगता है तो वो मिश्रा को मना कर देती है। मिश्रा चिड़िया को हाथ से जाने नहीं देना चाहता था तो उसने शांता को इशारा किया और फिर शांता ने उनको काही बाहर चुदाई करने की सलाह दी। तो मिश्रा ने अपनी दुकान मे ही सब करने का बोला तो हुमा ने हाँ कर दी। अब पढिए आगे …
पिछला पार्ट नहीं पढ़ा है तो यहाँ पढ़ें ==> हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 12
Desi housewife huma ki chudai kahani
मिश्रा- जैसा तुम ठीक समझो मिश्रा के जाते ही शांता ने कहा.
शांता – दीदी थोड़ा सज सवार कर जाना।
हुमा शर्मा कर रूम में चली गयी। आज हुमा ने ब्लैक कमीज़ और ब्लैक लेग्गी और उसपर ब्लैक दुपट्टा जिसपर कुछ फूल बने थे पहना था। हुमा का दिल और चूत दोनों धड़क रहे थे, ऐसा लग रहा था जिसका उसको इंतज़ार था वही होने जा रहा है। मिश्रा भी शॉप की तरफ न जाते हुए कुछ आगे गया जहा पर बेडशीट पिलो बेड मिलते थे, उसने वहाँ जाकर दो पिलो और एक गद्दा लिया जिसको फोल्ड करके अपनी बाइक पर बांध कर अपनी पान की शॉप पर आ गया। साइड का स्टोर ओपन करके वो पिलो और गद्दा शॉप के रास्ते उस रूम में ले गया और उस रूम को जल्दी जल्दी क्लीन करने लगा।
मिश्रा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था, उसने उस रूम का सामान बगल वाले स्टोर में रख दिया। कुछ ही देर में वहाँ गद्दा बिछा दिया और 2 पिलो उसपर रख दिया। मिश्रा का ख़ुशी से दिल और लंड दोनों धड़क रहे थे, मिश्रा जल्दी से अपनी पान की शॉप पर जाकर बैठ गया और जहां से हुमा आने वाली थी, उस तरफ नज़रे बिछाये इंतज़ार करने लगा। तभी कुछ देर बाद एक खूबसूरत सी औरत को आते देखा, जिसने बुर्का नहीं पहना था, चेहरा मगर दुप्पटे से कवर किया हुआ था। मिश्रा को देर नहीं लगी समझने में के ये हुमा है। उसका तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं था कुछ ही पल में हुमा पान की शॉप के पास आयी। तभी कुछ दुरी पर दो लोग हुमा को आते नज़र आये हुमा घबरा गयी आल रेडी वो पहले ही घबराई हुए थी।
हुमा कुछ आगे निकल गयी, मिश्रा भी समझ गया की हुमा क्यों आगे चली गयी। आगे जाते वक़्त उसकी बड़ी गांड को मिश्रा ने एक नज़र देखा। तभी वो लोग कुछ आगे पास हुए तो हुमा फिर घूम के वापस आ गयी। हुमा की नज़रे यहाँ वहाँ देखने लगी, तभी मिश्रा ने कहा आओ आओ भाभीजी क्या लेना है स्टोर से बोलो।
हुमा एक पल चुप रही फिर उसने कहा भाई साहब वो कोल्ड ड्रिंक की बोत्तल लेनी थी।
मिश्रा – आइए ना।
कह कर मिश्रा ने यहाँ वहाँ देखा दोपहर का वक़्त था, तो कोई खास नहीं था रोड पर। जैसे ही हुमा अंदर आयी मिश्रा ने यहाँ वहाँ देखते हुए स्टोर्स का शटर डाउन कर दिया, हुमा स्टोर में खड़ी रही तो मिश्रा ने कहा अंदर चली जाओ रूम में। हुमा उस स्टोर से उस रूम में दाखिल हुई तो देखा की एक गद्दा बिछा हुआ था और उसपर दो पिलो रखे हुए थे। हुमा को शर्म भी आयी और उसका दिल भी धड़का। तभी मिश्रा पीछे से आया और कहा तुम यहाँ बैठ जाओ।
मिश्रा ने उस गद्दे की तरफ हाथ करते हुए कहा हुमा उस गद्दे पर अपने पैरो को फोल्ड करके बैठ गयी। अब भी उसके चेहरा पर नक़ाब था उसने वाइट कमीज़ और ब्लू सलवार पहनी थी। मिश्रा ने शटर अंदर से लॉक किया और उस रूम में आया और उस रूम में एक छोटा दरवाज़ा था जो पान की दुकान में निकलता था। मिश्रा कुत्ते की तरह अपने हाथ और घुटनो के बल चलकर उस छोटे दरवाज़े से पान की शॉप के स्क्वेर से बाहर निकला।
अब मिश्रा पान की शॉप पर बैठ कर यहाँ वहाँ देखने लगा कोई है तो नहीं या किसी को कोई शक तो नहीं हुआ। मिश्रा बहोत खुश था कुछ देर में मिश्रा फिर से उस स्क्वेर बॉक्स से निचे से रूम में एंटर हुआ। अंदर रूम में हुमा बैठी थी उस रूम में उसको पान तंबाकू और कुछ गुठके जैसी स्मेल आ रही थी। उसका दिल भी धड़क रहा था जैसे ही मिश्रा अंदर आया, उसने हुमा की तरफ देखा वो दिवार को टेक लगाए अपनी नज़रे झुकाये बैठी थी।
मिश्रा अच्छा हुआ किसी ने देखा नहीं हुमा कुछ नहीं बोली नज़रे झुकाये बैठी थी तभी मिश्रा ने कहा ओह्ह फैन लगाना तो भूल ही गया। एक छोटा सा टेबल फैन करीब रखा था जो मिश्रा ने चला दिया और एक बल्ब था उस रूम में उसको जला दिया। हुमा अब भी नज़रे झुकाये बैठी थी मिश्रा अब उसके करीब आकर बैठ गया। हुमा को मिश्रा के पसीने की और कुछ तंबाकू सेंट्स की महक आयी
मिश्रा – ऐसे शरमाओगी तो कैसे चलेगा मेरी जान.
हुमा ने नोटिस किया की मिश्रा अब उसको तुम और जान जैसे वर्ड बोल रहा था। जो हुमा को भी अच्छा लग रहा था।
मिश्रा – ऐसे चुप रहोगी तो कैसे चलेगा।
हुमा – तो फिर क्या बोलू मै.
मिश्रा – मेरे गोद में आकर बैठो।
हुमा – ना।
मिश्रा – क्यु?
हुमा – मुझे शर्म आती है।
मिश्रा – अब बहोत हुआ शर्माना खुल जाओ अब मै कहा पराया रहा?
हुमा – पराये ही तो है कौन है फिर?
हुमा भी मिश्रा के मज़े ले रही थी, अब हुमा की घबराहट कुछ हद तक कम हुए थी।
मिश्रा – अब बातें बनाना छोड़ो और आ जाओ गोद में मेरे।
हुमा – मुझे शर्म आ रही है प्लीज।
मिश्रा आगे बढ़ा और हुमा को अपनी तरफ खींच लिया, हुमा के दोनों हाथ मिश्रा के बड़े पेट पर थे। हुमा फिर पीछे हुओ और अपना नक़ाब हटा दिया। अब हुमा का गोरा चेहरा मिश्रा के सामने था।
मिश्रा – आओ न गोद मे। मिश्रा ने सेक्सी आवाज़ में कहा.
हुमा मिश्रा की सेक्सी रिक्वेस्ट के सामने हार मान गयी और उठ कर अपनी बड़ी गांड मिश्रा के चेहरे के सामने से होते हुए मिश्रा की गोद में बैठ गयी।
हुमा की बड़ी नरम गांड जैसे ही मिश्रा के लंड से टकराई उसका लंड खड़ा हो गया और उसके हाथ हुमा की बाहों के नीचे से होते हुए उसके बूब्स पर चले गए। मिश्रा धीरे धीरे हुमा के बूब्स दबाने लगा जैसे मिश्रा बूब्स दबा रहा था वैसे वैसे हुमा की सस्शह्ह्हह्ह्ह्ह निकल रही थी. हुमा की नरम गांड पर मिश्रा का लंड की चुभन उसको महसूस हो रही थी। ऊपर से मिश्रा के सख्त हाथ उसके नरम बूब्स को दबा रहे थे। हुमा गरम हो चुकी थी।
मिश्रा – बहोत बड़े आम है तुम्हारे मज़ा आ गया।
हुमा मिश्रा के काले हाथो पर अपने हाथ रखे बूब्स दबाने का मज़ा ले रही थी, सिसकिया लेते हुए.
मिश्रा – हुमा अपनी सलवार का नाडा खोलो न.
हुमा – सीइइइइ मैं नहीं खोल सकती मुझे शर्म आती है।
मिश्रा – अब मुझ से कैसी शर्म खोलो न.
हुमा – आप समझिये न प्लीज.
मिश्रा – मै खोल दूँ?
हुमा – मुझे नहीं पता जो आपको ठीक लगे कीजिये सीआह्ह्हह्ह धीरे दबाइए।
मिश्रा बूब्स दबाते हुए अपना एक हाथ निचे ले जाकर हुमा का कमीज़ उठा कर उसकी सलवार का नाडा टटोलता है, जैसे ही नाडा उसके हाथ आता है वो उसको खींचने लगता है। नाडा खुलने की बजाये और कसने लगता है, जिसका एहसास हुमा को होता है मगर मिश्रा को नहीं। हुमा उसकी गोद में बैठी इस वजह से मिश्रा देख नहीं पा रहा था। हुमा की कमर पर सलवार और कस रही थी तो आखिर वो खुद मज़बूर हुई और मिश्रा का हाथ पकड़ कर उसको रोका और अपने हाथो को अलग करते हुए खुद ही सलवार का नाडा खोल दिया।
मिश्रा बहोत खुश हुआ, मिश्रा भी हुमा की नरम गांड को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, उसने हुमा की कमर को पकड़ कर थोड़ा उठने को कहा। हुमा उठने लगी तो उसकी बड़ी गांड मिश्रा के चेहरे के बिलकुल करीब आ गयी थी। मिश्रा को लगा की उसकी गांड को पीछे से पकड़ ले मगर उसने ऐसा नहीं किया। हुमा उठ कर जैसे खड़ी हुए उसकी सलवार उसकी टांगों में आ गिरी। मिश्रा को उसकी गोरी टांगें दिखी, उसने उसका कमीज़ जब पर ऊपर उठाई तो उसकी भरी हुए मांसल जांघें देख कर उसके लंड ने ज़ोर का झटका मारा।
मिश्रा भी जल्दी से खड़ा हुआ और अपनी धोती कमीज़ बनियान और बड़ा सा अंडरवियर कुछ ही देर में निकाल फेका। हुमा के सामने फिर एक बार मिश्रा का काला कलूटा जिस्म था, जो थुलथुला सा था हुमा की नज़र निचे थी जैसे मिश्रा का अंडरवियर उतरा उसका बड़ा काला लंड हवा में लहरा गया। जिसको कुछ देर हुमा ने देखा और अपना चेहरा घुमा लिया और सोचने लगी उफ्फ्फ कितना बड़ा और काला है। हुमा ने आज पहली बार मिश्रा का लंड देखा था, जब की वो उससे दो बार चुद चुकी थी। मिश्रा भी उतावला हो चुका था, उसने हुमा को अपनी और खींच लिया अब हुमा के बड़े बूब्स मिश्रा के काले नंगे सीने में दब गए थे। मिश्रा ने अपने हाथ पीछे ले जाते हुए उसका कमीज़ ऊपर करके उसकी कमर को सहलाते हुए उसकी ब्लैक पैंटी में हाथ डालकर उसकी गांड की बड़ी गोलाईयों को दबाने लगा, जैसे बूब्स दबा रहा हो।
मिश्रा के काले हाथ हुमा की काली पैंटी में से निकलती हुए उसकी गोरी गांड की गोलाईयाँ जो पैंटी से कुछ हद तक ढकी हुए थी, हुमा ने आँखे बांध करके फिर से सिसकारियां लेना जारी रखा. कुछ देर गांड की गोलाईयों को मसलकर मिश्रा ने हाथ बाहर निकाल लिया और कुछ देर गांड को सहलाता रहा।
हुमा की मोटी गोरी जांघें मिश्रा के सामने थी, हुमा ने ब्लैक पैंटी पहनी थी। ऐसा दिलकश नज़ारा देख कर मिश्रा का लंड झटका मारता है। मिश्रा खुश था क्युकी उसकी हर हरकत को हुमा का अप्रूवल था वो उसको रोक नहीं रही थी। जब की मिश्रा को पता था की हुमा बहोत शर्मीली हाउसवाइफ है. मिश्रा झुक कर उसकी जांघों को सहलाते हुए कहता है वह क्या जांघें है मज़ा आ गया।
हुमा की तो बोलती बंद थी। मिश्रा के दिमाग पर सेक्स चढ़ रहा था वो अपना कण्ट्रोल खोता जा रहा था। वह अपने हाथ हुमा की मोटी जांघों से हटाकर सीधा खड़ा हुआ और हुमा को घुमाकर उसकी कमीज़ की ज़िप खोल दी और उसका कमीज़ निचे से पकड़ कर ऊपर की तरफ करते हुए निकालने लगा। हुमा ने अपने हाथ ऊपर करके सहमति दिखा दी. अब हुमा ब्लैक ब्रा पैंटी में थी, मिश्रा ने हुमा को नंगी देखा था। मगर आज की बात कुछ और थी आज हुमा की भी सहमति थी।
मिश्रा का लंड झटके मारने लगा जब एक गोरा भरा हुआ जिस्म जिसको वो सिर्फ देखा करता था आज उसके सामने था। मिश्रा को समझ नहीं आ रहा था कहा से शुरू करे, उसने आगे हाथ बढ़ा कर ब्रा की कप ऊपर कर दी। गोरा गोरा भरा हुआ बूब्स बाहर आ गया, वो नज़ारा देख मिश्रा के लंड में जैसे खून जमा हो गया। मिश्रा झुक कर उस बूब्स के ब्राउन निप्पल पर टूट पड़ा, मिश्रा कभी उस निप्पल को चूसता तो कभी इतना बड़ा मु खोल लेता जैसे पूरा बूब्स खा जाना चाहता हो। हुमा उसके सर को थामे सिसकारियां लेने लगी।
मिश्रा बूब्स के निप्पल को इतनी जोर से चूस रहा था की रूम में सुरर्र चुर्रूंकक जैसे आवाज़े गूंजने लगी। हुमा मिश्रा के बालो में अपने हाथ घुमा रही थी, मिश्रा ने राई का तेल लगाया था अपने बालो में, हुमा के हाथो में भी मिश्रा के बालो का तेल लग गया था। उसके बालो से राइ के तेल की बदबू हुमा को आ रही थी, मगर वो मज़े की सिसकारियां ले रही थी। मिश्रा ने हुमा के गोरे बूब्स को चूस चूस के लाल कर दिया था। हुमा की चूत भी गीली हो गयी थी, कल का जो अधूरा सेक्स पूरा नहीं हुआ था आज उस वजह से हुमा पिघल गयी थी।
मिश्रा के सामने मिश्रा अब भी झुक कर बूब्स को चूस रहा था, मिश्र ने अब दूसरा कप से बूब्स बाहर निकाला और उसके बूब्स को भी चूसने लगा। हुमा की भी हालत और ख़राब हो रही थी वो मिश्रा के चिपचिपे बालो को सहला रही थी कभी मिश्रा की चुटिया उसकी हाथो में आ जाति।
हुमा – सस्शआह्ह्हह्ह्ह्हह।
मिश्रा झुक कर बूब्स को चूसते हुए अब हुमा के गोरे भरे हुए पेट पर अपने काले हाथ घूमाँने लगा। पेट को सहलाते हुए मिश्रा ने हुमा की पैंटी में हाथ डाल कर चूत को सहलाने लगा
हुमा – सस्शह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मिश्रा जी आअह्ह्ह्हह।
मिश्रा हुमा की चूत से खेलने लगा हुमा की हालत अब ऐसी हो गयी थी कब मिश्रा उसको गद्दे पर सुलाएगा और कब वो मिश्रा से चुद जाएगी। हुमा मिश्रा के बालो को मुट्ठी में दबाकर कंटिन्यू सिसकारियां ले रही थी। अब मिश्रा के सबर का बांध भी टूट चुका था उसने बूब्स को मु से निकाल लिया और और हुमा के कंधो पर हाथ रख कर उसको निचे की तरफ करने लगा। हुमा समझ गयी की मिश्रा क्या चाहता है हुमा कुछ न कहते हुए निचे बैठ गयी। जैसे हुमा निचे बैठी मिश्रा ने उसको लिटा दिया और उसकी टैंगो को पकड़कर फैला दिया और अपने हाथ हुमा की कमर में डालकर उसकी पैंटी निचे खींचने लगा। हुमा ने फैले हुए पैरो को सीधा किया।
मिश्रा ने फिर उसको फैला दिया हुमा के पैरो को फोल्ड कर दिया और फिर पैंटी खींच कर हुमा के घुटनो तक ले आया। हुमा गरम हो चुकी थी मगर इतनी खुली नहीं थी की खुद अपनी पैंटी उतार कर कहे हाय आओ मुझे चोद डालो.
मिश्रा- मेरी जान अब शर्माना छोड़ दो कब तक शरमाओगी? हमारे बिच पहली बार तो नहीं हो रहा ना ये?
हुमा कुछ नहीं बोली मिश्रा ने उसकी पैंटी को पूरी तरह उटार कर अलग कर दिया और हुमा की टांगों को फैला कर उनके बिच आ गया। एक खूबसूरत गोरी भरे जिस्म की औरत के ऊपर एक काला मोटा नंगा पान वाला लेट गया था। मिश्रा हुमा के ऊपर जब लेटा तो मिश्रा के जिस्म के वजन से हुमा ने एक लम्बी सास ली। मिश्रा अपने काले होठ हुमा के गुलाबी होठो पर रख कर चूसने लगा, होठ की चुसाई के वक़्त हुमा ने अपनी आँखे ज़रूर बांध कर दी, मगर होठो को खुला छोड़ दिया, ताकि मिश्रा उनको अच्छे से चूस सके।
रूम में अब चूस चुरररर मुवाह्ह्हह्ह की आवाज़ गूंजने लगी। मिश्रा हुमा के होठो को निचोड़ कर चूस रहा था, कभी ऊपर का होठ तो कभी निचे का होठ चूसे जा रहा था। हुमा भी मिश्रा का पूरा साथ निभा रही थी। अब दोनों का भी सबर का बांध टूट चुका था होठ को चूसते हुए की मिश्रा ने अपने लंड को हुमा की चूत पर सेट करके रगड़ना शुरू किया। मिश्रा के काले 8 इंच के लंड की रगड़ाई से हुमा मचल उठी। वो अपने लिप्स को और ओपन करके होठ चुसवाने लगी।
मिश्रा चूत पर लंड रगड़े जा रहा था, नतीजा ये हुआ की हुमा ने अपनी टैंगो को और फैलाया और मिश्रा के लंड को जैसे जगह दे दी। हुमा की चूत गीली हो चुकी थी और मिश्रा का लंड एक रोड की तरह तन चुका था, जैसे मक्खन में चाकू घुस जाता है वैसे ही मिश्रा के लंड ने हुमा की चूत में जगह बना ली। मिश्रा का सुपाड़ा हुमा की चूत में जा घुसा, मिश्रा ने उसी वक़्त हुमा के लिप्स को आज़ादी दी, तो हुमा हफ्ते हुए सिसकारने लगी। हुमा ने अगला धक्का लगा दिया और मिश्रा का काला आधा लंड हुमा के चूत में जा घुसा।
हुमा ने अपनी आँखों ज़ोर से बांध करके सिसकारी ली, हुमा मिश्रा का लंड दो बार ले चुकी थी इसलिए उसको ज्यादा तकलीफ तो नहीं हुई, मगर फिर भी मिश्रा का काला बड़ा लंड लेने में हलकी सी तकलीफ तो उसको होनी ही थी। हुमा एक लम्बी सिसकारी लेकर रुक गयी, मगर मिश्रा नहीं रुका उसने अगला धक्का लगा दिया और अपना पूरा लंड हुमा की चूत में घुसा दिया।
हुमा – सशह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊईइइइ माआआआआ।
हुमा की ये सिसकारी कुछ ज्यादा ही ज़ोर से निकल गई। मिश्रा अपना पूरा लंड अंदर डालकर रुक गया।
मिश्रा – क्या कर रही हो आवाज़ बाहर तक जाएगी।
हुमा से रहा नहीं गया उसने कह दिया.
हुमा – आप भी आराम से कीजिये ना।
हुमा ने बुरा सा मु बना कर कहा।
मिश्रा ने हुमा की बात जवाब नहीं दिया वो तो कुछ और खयालो में था। मिश्रा मन ही मन सोच रहा था साला 2 महीने पहले मैंने इस खूबसूरत हसीना को देखा था कहा मै इसको जानता भी नहीं था आज इसकी चूत में पूरा लंड डाला हूं। वो भी मेरी इसी पान की दुकान में जहां इसको पहली बार देखा था
आगे क्या हुआ पढिए अगले भाग मे
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