Uncle se meri damdar chudai kahani:- पिछले पार्ट में मैं और अंकल शराब पी रहे थे। बातें गहरी होती गईं। अंकल ने मेरे बूब्स और शरीर की तारीफ की। मैंने पहली बार उनका बहुत बड़ा और मोटा लंड हाथ में लिया। फिर 69 पोजीशन में मैंने उनका लंड मुँह में लिया और अंकल ने मेरी गाँड पर थप्पड़ मारे और चूत चाटी। मैं बिना चुदाई के ही झड़ गई। अब पढिए आगे…
पार्ट 4 ==> मुझे अंकल ने चोदा – 4
Uncle se meri damdar chudai kahani
अंकल मेरे पास बैठकर मेरी कमर पर हाथ फेरने लगे। और मैंने अपना सर उनके शोल्डर पर रख दिया। अंकल बोले……
अंकल: कैसा लगा आज तुम्हें? मजा आया कि नहीं?
मैं: हम्मम्म
अंकल: पहले कभी आया है इतना मजा?
मैं: नहीं
अंकल: हस्बैंड के साथ भी नहीं?
मैं: नहीं
अंकल: क्यों? क्या वो तुम्हें मजा नहीं दे पाता?
मैं: मजे तो देता है पर……
अंकल: पर क्या?
मैं: पर…… इतना नहीं।
अंकल: अच्छा? मेरे साथ ज्यादा मजा आया तुम्हें?
मैं: हम्मम्म
अंकल: कितना?
मैं: मैं पहली बार सेक्स किए बिना ही झड़ गई।
अंकल: सेक्स? वो क्या होता है?
मैं: जो एक लड़का और लड़की मिलकर करते हैं।
अंकल: मतलब? मैं समझा नहीं।
मैं: जब लड़का अपना पेनिस लड़की की वैजाइना में डालकर जो करता है, उसे सेक्स कहते हैं।
अंकल: उसे तो चुदाई कहते हैं।
मैं: हाँ, वही।
अब मुझ पर भी शराब का असर हो चुका था।
अंकल: तो ऐसे बोलो ना कि तुम्हें आज बिना चुदाई के ही मजा आया। ये सेक्स-वेक्स क्या होता है।
मैं: हम्मम्म। आज मुझे बिना चुदाई के ही मजा आ गया।
इतना कहकर मैं शर्माने लगी।
अंकल: ऐसे बोला करो खुलकर। वैसे मुझे भी तुम्हारी चूची चूसकर बहुत मजा आया। तुम्हारी चूची बहुत मस्त है। तुम्हारी चूची वैसी ही है जैसी मुझे पसंद है।
मैं: कैसी पसंद है आपको?
(अब मैं भी थोड़ा खुलकर बात करने लगी थी, शराब के असर से।)
अंकल: बड़ी-बड़ी और रसीली। जिनको दबाने में मजा आए।
मैं: और क्या-क्या पसंद है आपको?
अंकल: मुझे उम्म…… चूची का तो मैंने बता दिया। चूत मुझे गुलाबी और टाइट पसंद है। और गाँड बड़ी।
मैं: गाँड बड़ी क्यों?
अंकल: गाँड बड़ी होगी तो कुल्हे भी बड़े होंगे। और चुदाई करते टाइम मुझे कुल्हों पर थप्पड़ मारना बहुत पसंद है।
मुझे ये सुनकर बहुत हैरानी हुई कि ऐसा भी होता है क्या? क्योंकि मेरे हस्बैंड ने तो कभी ऐसा नहीं किया था। वो तो हमेशा नॉर्मल सेक्स ही करते हैं।
मैं: थप्पड़ मारना पसंद है? ऐसा क्यों?
अंकल: थप्पड़ मारने से मुझे एक अलग ही मजा आता है चुदाई करने में। वैसे तुम्हारे कुल्हे भी बड़े मस्त हैं, बड़े-बड़े। मजा आएगा।
मुझे ये सब सुनकर शर्म भी आ रही थी और मजा भी। ऐसी बातों से मेरी चूत के अंदर एक आग सी जलने लगी थी। मैं गरम होती जा रही थी दोबारा।
अंकल: तुम बताओ, तुम्हें क्या पसंद है?
मैं: मतलब?
अंकल: मतलब कि तुम्हें मर्द का क्या-क्या पसंद।
मैं: पता नहीं। (मैं धीरे से बोली)
अंकल: पता नहीं मतलब? जैसे मुझे तुम्हारी चूची पसंद है, गाँड पसंद है। चूत अभी तक देखी नहीं है। उम्मीद है वो भी पसंद ही आएगी। ऐसे ही तुम्हें भी तो मर्द के अंदर कुछ पसंद होगा?
उफ्फ! अंकल तो आज मुझे पागल ही कर देंगे ऐसी बातें कर-करके।
फिर मुझे वो सेक्स स्टोरीज़ याद आईं जो मैंने पढ़ी थीं। उन स्टोरीज़ में अंकल के लंड लंबे और मोटे बताए गए थे। तो मैंने भी बोला।
मैं: ल्ल्ल्लंड…… (काँपते हुए होठों से बोला)
अंकल: कैसा लंड? छोटा-बड़ा, लंबा-मोटा, कैसा लंड पसंद है तुम्हें?
मैं: बड़ा।
अंकल: पहले देखा है तुमने बड़ा लंड?
मैं: हाँ।
अंकल: किसका?
मैं: पॉर्न मूवी में।
अंकल: रियल में नहीं देखा है?
मैं: नहीं।
अंकल: क्यों? अपने हस्बैंड का नहीं देखा?
मैं: उनका तो इतना सा है। (मैंने हाथ की मिडिल फिंगर दिखाते हुए बोला)
अंकल हँसने लगे, जैसे मैंने उन्हें कोई जोक सुनाया हो।
अंकल: बस इतना सा?
मैं: हम्मम्म
अंकल: बड़ा लंड देखोगी?
मुझे शर्म आ रही थी कि अब क्या बोलूँ। मुझे नहीं पता था कि अंकल का लंड कैसा है, छोटा है या बड़ा। मैंने हिम्मत करके बोला।
मैं: हाँ।
तो अंकल ने अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड के ऊपर रख दिया। उन्होंने कुर्ता-पजामा पहना हुआ था, तो पजामे के ऊपर से ही लंड पर हाथ रखा।
लंड पर हाथ रखते ही मेरे जिस्म में करंट सा दौड़ गया, क्योंकि उनका लंड काफी लंबा और मोटा लग रहा था मेरे हाथ में।
अंकल: कैसा है मेरा लंड? पसंद आया?
उनका लंड मेरे हाथ की मुट्ठी में नहीं आ रहा था। मुट्ठी बंद करने के बाद भी मेरी मिडिल फिंगर और अंगूठे के बीच काफी गैप था। इतना मोटा लंड था अंकल का। मैं शॉक्ड होकर बोली।
मैं: ये तो बहुत मोटा है।
फिर अंकल ने मेरे हाथ को अपने लंड की जड़ से लेकर टोपी तक फिराया। मुझे फिर से शॉक्ड लगा, क्योंकि उनका लंड बहुत लंबा था। जैसा कि पॉर्न मूवी में उन काले लोगों का होता है।
मैं थिंक करती हूँ 9 या 10 इंच लंबा होगा और मोटा होगा 3 या 4 इंच।
मेरी तो साँस ही अटक गई थी। ऊपर की साँस ऊपर और नीचे की नीचे।
अब मैं सोचने लगी कि मेरा हाल क्या होगा आज? जब ये इतना लंबा और मोटा लंड मेरी चूत में जाएगा? वो बेचारी तो फट जाएगी।
अंकल: पसंद आया तुम्हें?
मैं: मैं तो मर जाऊँगी इससे।
अंकल हँसने लगे और बोले……
अंकल: कभी किसी को देखा है लंड से मरते हुए?
मैं: नहीं।
अंकल: तो तुम कैसे मर जाओगी?
मैं: आपका इतना लंबा और मोटा है। मैंने तो सिर्फ अपने हस्बैंड का ही लिया है।
अंकल: टेंशन मत लो। ये जो चूत होती है ना, ये बड़े से बड़ा लंड ले लेती है। हाँ बस शुरू में थोड़ा दर्द होता है, लेकिन बाद में बहुत मजा आता है।
मुझे अंकल की बात सुनकर अच्छा भी लग रहा था और उनके लंड से डर भी। फिर अंकल मेरे हाथ को पकड़कर अपने उस मूसल लंड पर आगे-पीछे करने लगे, धीरे-धीरे से।
मेरा सर अभी भी अंकल के राइट शोल्डर पर ही था। अब उनका राइट हैंड मेरी कमर से हटकर मेरे राइट शोल्डर के ऊपर होता हुआ मेरे बूब्स पर आ गया था।
अब अंकल अपने राइट हैंड से मेरे बूब्स दबा रहे थे और लेफ्ट हैंड से मेरे हाथ को पकड़कर अपने लंड पर आगे-पीछे चला रहे थे। मैं अब बहुत गरम हो चुकी थी। फिर अंकल बोले……
अंकल: तुम्हें अपने हस्बैंड के उस छोटे से लंड का क्या मजा आता होगा? उसके लंड का तो तुम्हें पता भी नहीं चलता होगा कि कब अंदर गया और कब बाहर आया।
मैं: आआह्ह्ह्ह उम्मम्म (अंकल ने मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों से भिंच तो मेरी आआह्ह्ह्ह निकल गई)
अंकल: तुमने कभी अपनी गाँड मरवाई है?
मैं: नहीं।
अंकल: क्या? (शॉक्ड होकर) तुम्हारे हस्बैंड ने कभी तुम्हारी गाँड नहीं मारी?
मैं: नहीं।
अंकल: कमाल है!! इतनी प्यारी गाँड को कोई बिना मारे कैसे रह सकता है? मैं होता तो मैं तो रोज़ का एक राउंड गाँड मारा करता। इतनी प्यारी तो गाँड है तुम्हारी।
फिर अंकल ने मेरे बूब्स पे से अपना हाथ हटाकर मेरे राइट कुल्हे पर रख दिया और सहलाने लगे। मुझे भी मजा आ रहा था।
अंकल: अच्छा ये बताओ कि तुम्हारे हस्बैंड ने तुम्हारे साथ कैसे-कैसे चुदाई की है? मतलब किस-किस पोजीशन में?
मैं: बेड पर सीधी लिटाकर (मिशनरी पोजीशन)।
अंकल: बस? और कुछ नहीं?
मैं: नहीं।
अंकल: घोड़ी बनाकर? ऊपर बिठाकर? कैसे भी नहीं?
मैं: नहीं। (मुझे नहीं पता था कि ऐसे भी सेक्स करते हैं। मुझे तो बस एक ही पोजीशन का पता था, जिस पोजीशन में शादी से लेकर अब तक मेरे हस्बैंड करते आए थे।)
अंकल: तुम्हें तो यार फिर असली चुदाई का पता ही नहीं।
मैं: असली चुदाई मतलब?
अंकल: चुदाई करने की बहुत सारी पोजीशन होती हैं। जैसे कि लड़की को घोड़ी बनाकर पीछे से लंड चूत में डालकर चुदाई करना। लड़की को लंड के ऊपर बैठाकर नीचे से चुदाई करना। 69 पोजीशन में लड़का लड़की की चूत चाटता है और लड़की लड़के का लंड मुँह में लेकर आइसक्रीम की तरह चूसती है।
और भी बहुत सारी पोजीशन होती हैं लेकिन ये पोजीशन तो चुदाई के टाइम हर कोई ट्राई करता है। तुम्हारे हस्बैंड ने कभी नहीं ट्राई की।
मैं ये सब पहली बार सुन रही थी कि ऐसे भी सेक्स करते हैं। मैंने सिर्फ पॉर्न मूवी में देखा था ऐसे सेक्स करते हुए। रियल में मैंने कभी ट्राई नहीं किया था।
मैं: नहीं। हमने तो कभी नहीं किया ऐसे।
अंकल: तभी तो मैंने बोला है कि तुम्हें असली चुदाई का पता ही नहीं। तुम्हारे हस्बैंड ने तुम्हें सही से चोदा ही नहीं है आज तक। मैं तुम्हें सिखाऊँगा कि असली चुदाई कैसे करते हैं।
मैं: हम्मम्म
अंकल ने मेरे हाथ पे से कब अपना हाथ हटा लिया था मुझे पता ही नहीं चला था। अब मैं ही उनके लंड को अपने हाथ से आगे-पीछे करके सहला रही थी। कभी-कभी तो उनका लंड झटके भी मारता था।
अंकल: बस तुम वैसा करते जाना जैसे-जैसे मैं बोलूँ।
मैं: हम्मम्म
अंकल: तुमने कभी लंड लिया है मुँह में?
मैं: नहीं। (पर मैंने पॉर्न मूवी में देखा था)
अंकल: लेना चाहोगी?
मैं: नहीं।
अंकल: क्यों?
मैं: आपका इतना बड़ा है। मेरे मुँह में नहीं आएगा।
अंकल: ट्राई करना। जितना जाएगा उतना ले लेना। बाकी मैं सिखा दूँगा कैसे लेते हैं मुँह में।
मैं: हम्मम्म
फिर अंकल ने मुझे पीछे को बेड पर लिटा दिया और अपने आप मेरी साइड में लेट गए। फिर अंकल ने मुझे किस करना शुरू कर दिया। कभी गालों पर, कभी लिप्स पर, कभी गर्दन पर तो कभी मेरे क्लीवेज पर और एक हाथ से मेरे बूब्स दबाने लगे।
पहले तो नाइटी के ऊपर से ही बूब्स मसल रहे थे। फिर उन्होंने मेरी नाइटी धीरे-धीरे ऊपर करके मेरे बूब्स नंगे कर दिए। मैंने नाइटी के अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।
अब उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा और बोले कि इसे सहलाओ। अंकल का लंड बिल्कुल किसी लोहे की रॉड की तरह खड़ा हुआ था। मैं उनका लंड सहलाने लगी और वो मेरे बूब्स को किसिंग करने लगे।
एक बूब्स को हाथ से सहला रहे थे और दूसरे को मुँह में लेकर किसिंग कर रहे थे। कभी मेरे बूब्स के निप्पल को अपनी उंगलियों में लेकर हल्के से भिंच देते तो कभी मेरे पूरे बूब्स को अपनी हथेली में लेकर मसल देते।
दूसरे बूब्स के साथ भी ऐसा ही कर रहे थे। कभी पूरा बूब्स मुँह में लेकर चूसते, कभी मेरे निप्पल को दाँतों में लेकर चूसते। मेरी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। मैं ऐसे तड़प रही थी जैसे पानी के बिना मछली।
अब उन्होंने एक और हरकत की। उन्होंने अपना हाथ बूब्स से हटाकर मेरी नाभि पर रखा और उँगली डालकर नाभि में घुमाने लगे।
थोड़ी देर नाभि में उँगली घुमाने के बाद अपना हाथ नीचे चूत की तरफ ले जाने लगे।
मैंने नाइटी के नीचे इलास्टिक वाला लोअर पहना हुआ था। उन्होंने अपना हाथ सीधा लोअर के अंदर डालकर अपना हाथ मेरी चूत पर रख दिया और मेरी चूत की बीच में अपनी मिडिल फिंगर रखकर आगे-पीछे करने लगे। कभी-कभी चूत के दाने को भी सहलाते।
मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। मैं चाह रही थी कि अब अंकल अपना लंड मेरी चूत में डालकर मुझे चोद दे। लेकिन अंकल कहाँ इतनी जल्दी चोदने वाले थे।
अब अंकल मेरी चूत को मसल रहे थे और बूब्स को आम की तरह चूस रहे थे।
अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैं अंकल से बोली।
(चुदाई के नशे में)
मैं: अंकल प्लीज करो ना। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा।
अंकल: क्या करूँ मेरी जान?
मैं: चुदाई।
अंकल: किसकी?
मैं: मेरी।
अंकल: कैसे करूँ तुम्हारी चुदाई?
मैं: अपने बड़े लंड से।
अंकल: उससे चुदाई करवानी है तो? पहले उसे रेडी तो करो।
मैं: वो तो रेडी है।
अंकल: नहीं मेरी जान, वो अभी रेडी नहीं है।
मैं: तो कब रेडी होगा?
अंकल: जब तुम उसे प्यार करोगी। उसे अपनी चुदाई करने के लिए मनाओगी। तब।
मैं: कैसे मनाऊँ उसे अपनी चुदाई करने के लिए?
अंकल: उसे अपने इन गुलाबी होठों से प्यार करके।
मैं: वो कैसे?
फिर अंकल साइड में होकर सीधा लेट गए और मुझसे बोले।
अंकल: मेरा पजामा खोलो और लंड को बाहर निकालो।
मैं उठकर बैठ गई और अंकल का पजामा निकालने लगी। पजामा नीचे किया तो उनका वो मूसल लंड कैद से आजाद होकर झूमने लगा। अंकल के लंड को देखकर मैं डर गई।
मैं पहली बार रियल में इतना बड़ा और मोटा लंड जो देख रही थी। अंकल का लंड मेरे हाथ की कलाई से भी मोटा था।
अंकल का लंड देखकर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना बड़ा और मोटा लंड भी होता है।
फिर अंकल ने बोला……
अंकल: कैसा लगा तुम्हें मेरा लंड?
मैं: ये तो बहुत मोटा और लंबा है। मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि लंड इतना बड़ा भी होता है। मैंने तो सिर्फ पॉर्न मूवी में ही देखा था इतना बड़ा लंड।
अंकल: अब रियल में भी देख लो और अब इसे प्यार करो।
मैं: कैसे?
अंकल: इसे अपने हाथों में लेकर सहलाओ और अपने होठों से इसकी टोपी पर किस करो।
मैंने अपने दोनों हाथों में लंड को लिया। लेकिन वो मेरे हाथों में भी नहीं आ रहा था। फिर मैंने अपने हाथों से लंड को सहलाना शुरू किया।
मैं उस टाइम घुटनों के बल बैठी थी (डॉगी स्टाइल में) और लंड को ऊपर-नीचे करके सहलाने लगी थी।
अंकल ने अपना एक हाथ मेरे कुल्हों पर रखा और सहलाने लगे और बोले।
अंकल: अब इसे अपने होठों से प्यार करो।
मैंने एक बार अंकल की तरफ देखा और फिर थोड़ी देर सोचकर अपने होठ लंड की तरफ बढ़ाए।
(मैंने उस टाइम यही सोचा कि जब पॉर्न मूवीज में वो लड़कियाँ लंड को मुँह में ले सकती हैं तो तुम भी लेकर देखो। लंड मुँह में लेकर कौन सा मजा आता है।)
बस यही सोचकर मैंने अपने होठ लंड की टोपी की तरफ बढ़ाए।
मेरा मुँह जैसे ही लंड के करीब गया तो मुझे एक अजीब सी स्मेल आई। उस स्मेल को सूँघकर मुझ पर और ज्यादा चुदाई का नशा चढ़ गया।
मैंने पहले हल्के से अपने होठ लंड की टोपी को छुए। मुझे लंड की टोपी बड़ी सॉफ्ट लगी। फिर मैंने एक बार और अंकल की तरफ देखा।
अंकल ने मेरी तरफ आँख मारी और अपने लंड की तरफ इशारा किया कि लंड को प्यार करो।
अंकल तब से लेकर अब तक (जब से मैं डॉगी स्टाइल में झुकी थी) मेरे दोनों कुल्हों को कभी सहलाते तो कभी जोर से मसल देते।
मुझे भी उस टाइम चुदाई का खुमार चढ़ा हुआ था तो मैंने भी अपने होठ अंकल के लंड की टोपी पर टिका दिए।
अंकल के मुँह से एक आआह्ह्ह्ह निकल गई (मजे में)।
फिर अंकल बोले कि अपनी जीभ को लंड की टोपी पर घुमाओ, जैसे आइसक्रीम खाते टाइम घुमते हैं।
मैंने पहले कभी किया नहीं था तो मुझे नहीं पता था कि कैसे करना है। जैसे-जैसे अंकल बोल रहे थे, मैं वैसे-वैसे कर रही थी।
मैंने अपनी जीभ को लंड की टोपी पर घुमाना शुरू कर दिया, टोपी के चारों ओर। अंकल बोले……
अंकल: हाँ मेरी जान, बस ऐसे ही।
अंकल को मजा आ रहा था तो मैं भी करती रही। फिर अंकल का दूसरा हाथ मेरे सर पर आ गया और अंकल अपने हाथ से मेरे सर के बालों को पकड़कर नीचे की तरफ दबाने लगे (अपने लंड पर)।
मैंने भी अपना मुँह जितना ओपन हो सकता था उतना ओपन करके लंड को अपने मुँह में जाने दिया। लंड की टोपी ही मेरे मुँह में गई थी कि मेरी साँसें रुकने लगी थीं।
क्योंकि मैं पहली बार किसी का लंड मुँह में ले रही थी, वो भी इतना मोटा।
5-7 सेकंड में ही मैंने अपना मुँह लंड से हटा लिया। अंकल ने मेरी तरफ देखते हुए इशारे से पूछा कि क्या हुआ?
मैं: बहुत मोटा है। मुझसे नहीं होगा।
अंकल: जितना ले सकती हो बस उतना लो। पूरा मुँह में लेने के लिए थोड़े ही कह रहा हूँ।
मैंने फिर से ट्राई किया। अब अंकल ने मेरे सर पर से अपना हाथ हटा लिया। अब अंकल एक हाथ से मेरे कुल्हे सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स पकड़कर उनको मसलने लगे थे।
और मैं अंकल के लंड को अपने दोनों हाथों में पकड़कर अपने होठों से लंड की टोपी पर किस कर रही थी।
अंकल: अंदर लो ना जान (मुँह में)।
मैंने फिर अपना मुँह खोला और लंड की टोपी को अपने मुँह में लेने लगी। मेरे मुँह में सिर्फ लंड की टोपी ही जा पा रही थी।
क्योंकि मेरा मुँह इतना बड़ा नहीं था जितना बड़ा अंकल का लंड था। फिर मैंने लंड की टोपी को ही सक करना स्टार्ट किया। मैंने अपने मुँह में लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया, धीरे-धीरे से।
अंकल को मेरे ऐसा करने से मजा आने लगा और बोले……
अंकल: आआह्ह्ह्ह उम्मम्म ऐसे ही मेरी जान। ऐसे ही चूसो। मजा आ रहा है।
मैं ये सुनकर जोश में आ गई और थोड़ी स्पीड और बढ़ाई लंड को चूसने की।
अब अंकल ने मेरा लोअर धीरे-धीरे कमर पे से पकड़कर निकालना शुरू किया। अब मेरी गाँड नंगी हो चुकी थी।
लोअर घुटनों के पास आकर अटक गया क्योंकि उस टाइम मैं डॉगी स्टाइल में थी।
अब अंकल मेरे नंगे कुल्हों पर हाथ फेर रहे थे। मेरे जिस्म में एक अजीब सी लहर दौड़ रही थी।
इधर मैं अंकल का लंड दोनों हाथों में पकड़े हुए लंड की टोपी को अपने मुँह में अंदर-बाहर कर रही थी और अंकल सिसकियाँ ले रहे थे।
मुझे अंकल की सिसकियाँ सुन-सुनके और जोश चढ़ता जा रहा था तो मैं लंड को चूसने की स्पीड धीरे-धीरे बढ़ा रही थी।
अब मुझे भी लंड को चूसने में मजा आ रहा था। मैं अब कोशिश करने लगी कि लंड को और अंदर ले सकूँ मुँह में।
अब अंकल ने मुझे बोला कि मैं अपना एक पैर उनकी दूसरी साइड में करके उनके ऊपर आ जाऊँ (69 पोजीशन में)।
जब मैं अपना पैर दूसरी साइड में करने लगी तो अंकल ने मेरा लोअर पूरा निकाल दिया। मेरे पैरों में से अब मैं बिल्कुल नंगी हो चुकी थी नीचे से और उनके ऊपर आ गई थी।
मैं फिर से अंकल के लंड को अपने हाथों में पकड़कर अपने मुँह में लेकर सकिंग करने लगी और अंकल अपने दोनों हाथों से मेरे कुल्हों को सहलाने लगे और कभी उन पर किस भी करते।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मजा भी आ रहा था। ये मेरे लिए एक नया एक्सपीरियंस था। मेरे हस्बैंड ने तो मेरे साथ ऐसे सेक्स नहीं किया था कभी, जैसे अंकल कर रहे थे, न्यू स्टाइल में।
मैं: आआह्ह्ह्ह मर गई! (मेरे मुँह से निकला)
क्योंकि अंकल ने बहुत जोर से मेरे कुल्हे पर थप्पड़ मारा था। शायद उनका हाथ मेरे कुल्हे पर छाप गया होगा। मुझे बहुत दर्द हुआ।
फिर अंकल ने जहाँ थप्पड़ मारा था वहाँ किस करना शुरू किया और मुझे अंकल के किस करने से बहुत आराम मिला।
अब अंकल थोड़ी-थोड़ी देर बाद ऐसे ही करने लगे। पहले मेरे कुल्हों पर थप्पड़ मारते और बाद में किस करते।
उनके ऐसा करने से मुझे भी अब एक अलग ही मजा आने लगा था। मैं अब और जोश में आ गई थी। अब मैं उनका लंड पहले से थोड़ा ज्यादा मुँह में लेकर चूसने लगी थी।
कभी-कभी तो अंकल मेरी गाँड के दोनों कुल्हों को अलग-अलग दिशा में खींचकर बीच के हिस्से में भी अपनी जीभ नीचे से ऊपर की ओर चलाते, जिससे मुझे ऐसा मजा आता कि पूछो ही मत।
हमने ऐसे ही बहुत देर तक किया। अंकल मेरी गाँड पर थप्पड़ मार-मारकर किसिंग करते रहे और मैं उनका लंड मुँह में लेकर चूसती रही।
अब मेरा मुँह दुखने लगा था उनके इतने मोटे लंड से। तो मैं अंकल से बोली……
मैं: अंकल मेरा मुँह दुखने लगा है। आपका ये मूसल चूस-चूसके।
तो अंकल ने मुझे अपने ऊपर से हटने के लिए बोला। तो मैं उनके ऊपर से हटकर साइड में बैठ गई। अंकल भी बैठ गए थे।
अंकल मेरे मुँह की तरफ देखने लगे क्योंकि मेरा मुँह पूरा गीला हो गया था, इतनी देर लंड चूसने की वजह से।
फिर अंकल खड़े हुए और अपना कुर्ता भी निकाल दिया (उनका पजामा तो मैं पहले ही निकाल चुकी थी)। अब वो बिल्कुल नंगे हो चुके थे और उनका लंड ऐसे खड़ा था सीधा जैसे कोई तोप।
मैं बेड पर बैठी थी और अंकल बेड से नीचे खड़े हुए थे। फिर अंकल ने मुझे अपने पास बुलाया। मैं घुटनों पर चलके अंकल के पास गई।
और अंकल ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मैंने भी। अंकल ने मेरे माथे पर एक किस किया। फिर अंकल ने मेरा लोअर उठाकर उससे मेरा मुँह साफ किया।
मेरा मुँह लंड चूसने की वजह से थूक से पूरा गीला हुआ हुआ था। मुँह साफ करने के बाद अंकल ने मुझे लिप्स पर किसिंग करना शुरू किया। मैं भी किसिंग करने में उनका पूरा साथ दे रही थी।
फिर अंकल ने अपने हाथ नीचे ले जाकर मेरी नाइटी पकड़ी और उसे ऊपर उठाने लगे, निकालने के लिए। मैंने भी अपने हाथों को ऊपर करके नाइटी निकालने में अंकल की हेल्प की।
अब अंकल भी पूरे नंगे थे और मैं भी पूरी नंगी हो चुकी थी।
आज पहली बार मैं अपने हस्बैंड के अलावा दूसरे इंसान के सामने नंगी हुई थी। अंकल ने नाइटी बेड पर रखकर मुझे फिर से अपनी बाहों में लिया और किसिंग शुरू कर दी।
पहले मेरे लिप्स पर फिर गालों पर उसके बाद मेरी गर्दन पर। गर्दन के बाद मेरे क्लीवेज पर। क्लीवेज से सीधा मेरे बूब्स पर।
मेरे दोनों बूब्स अपने दोनों हाथों में पकड़कर बारी-बारी से दोनों बूब्स को चूसने लगे। मेरे दोनों हाथ अंकल की गर्दन के पीछे थे और मैं अंकल को गर्दन से पकड़कर उनका मुँह अपने बूब्स पर दबा रही थी।
मैं अपने बूब्स आगे की ओर जितना निकाल सकती थी निकालकर अपना सर पीछे को झुकाकर घुटनों पर खड़ी थी और अंकल को पूरे जोश से अपने बूब्स चूसवा रही थी।
और अब मेरे मुँह से बहुत जोर-जोर से सिसकियाँ निकल रही थीं।
मैं: आआह्ह्ह्ह? आआह्ह्ह्ह? उम्मम्म? उम्मम्म? अंकल और जोर से चूसो। निकाल दो मेरे बूब्स से सारा दूध। पी जाओ सारा दूध।
मुझे भी नहीं पता, मैं जोश-जोश में क्या-क्या बोले जा रही थी।
फिर अंकल ने मेरे बूब्स और जोर-जोर से मसलने शुरू कर दिए, जिसकी वजह से मुझे दर्द होने लगा।
मैं अंकल से बोली……
मैं: आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह? अंकल आराम से। दर्द हो रहा है।
लेकिन अंकल अब मेरी कहाँ सुनने वाले थे।
वो तो अपने पूरे जोश में मेरे बूब्स मसल भी रहे थे और चूस भी रहे थे।
अब अंकल ने एक और हरकत करनी शुरू कर दी। वो मेरे बूब्स पर थप्पड़ मारने लगे। थप्पड़ मारते और बाद में किसिंग करते। शुरू-शुरू में तो हल्के-हल्के थप्पड़ मार रहे थे।
फिर अंकल ने जोर-जोर से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। पहले थप्पड़ मारते फिर किस करते। जब वो थप्पड़ मारते तो मुझे बहुत दर्द होता। मेरे मुँह से बहुत जोर की चीख निकलती।
(हमारा रूम साउंड प्रूफ था तो रूम में जितनी जोर से चाहे चिल्लाओ लेकिन आवाज बाहर नहीं जाती थी।)
पर जब वो थप्पड़ मारने के बाद वहाँ किस करते तो मुझे बहुत आराम मिलता।
कभी लेफ्ट बूब्स पर तो कभी राइट बूब्स पर अंकल ऐसे ही जोर से थप्पड़ मारते और किस करते। धीरे-धीरे मुझे भी मजा आने लगा था।
(वो कहते हैं ना कि हर दर्द का अपना मजा होता है। मुझे भी अब इस दर्द में मजा आने लगा था।)
अंकल जब भी मेरे बूब्स पर थप्पड़ मारते तो मैं अब जानबूझकर और जोर से चिल्लाती, क्योंकि अब मुझे भी मजा आ रहा था।
अंकल ने थप्पड़ मार-मारकर मेरे बूब्स टमाटर की तरह लाल कर दिए थे।
बूब्स की ऐसी हालत देखकर मुझे अपनी गाँड की याद आई। अंकल ने उसको भी मार-मारकर ऐसे ही लाल कर दिया होगा।
फिर अंकल मेरे बूब्स को छोड़कर किस करते हुए नीचे की तरफ जाने लगे। मेरे पेट पर आकर पेट को किस करने लगे। जब अंकल मेरी नाभि में किस करते तो मुझे गुदगुदी होती और मजा भी आता।
अब अंकल बेड के नीचे बैठकर मेरे पेट पर किसिंग कर रहे थे और मैं उनके सर को पकड़कर अपने पेट पर दबा रही थी।
अभी तक अंकल ने मेरी चूत को प्रॉपर्ली देखा नहीं था।
फिर अंकल ने मुझे पीछे को लेटने को बोला। तो मैं पीछे को लेट गई। अंकल ने मेरे हिप्स बिल्कुल बेड के किनारे पर रखवाए और खुद बेड के नीचे ही बैठ गए।
मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब अंकल क्या करने वाले हैं।
मैं उनके बताए हुए तरीके से लेट गई। मेरे पैर उस टाइम आपस में मिले हुए थे तो अंकल को मेरी चूत दिखाई नहीं दे सकती थी।
अंकल मेरे पैरों की तरफ ही बैठे थे।
उन्होंने अपने हाथ मेरे पैरों पर फेरने शुरू किए और मेरे पैर की उंगलियों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे।
मुझे अजीब लग रहा था, क्योंकि इस तरह मैंने किसी को करते नहीं देखा था मूवी में और मेरे हस्बैंड ने भी कभी नहीं किया था।
पर मुझे अच्छा लग रहा था। ये सब मेरे लिए नया एक्सपीरियंस था। अगर आज मैं ये सब अंकल के साथ ना कर रही होती तो मुझे कुछ पता ही नहीं चलता कि सेक्स में ऐसे-ऐसे भी होता है।
जैसे-जैसे अंकल मेरे साथ कर रहे थे, मुझे अंकल के साथ ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था और अंकल भी मेरे साथ नए-नए तरीकों से रोमांस कर रहे थे जो कि मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे।
उन्होंने बारी-बारी से मेरे दोनों पैरों की उंगलियों को अपने मुँह में लेकर चूसा और अपने हाथ मेरी टाँगों पर फेर रहे थे थाईज से लेकर घुटनों तक।
मेरे हाथ भी अंकल के हाथों के ऊपर रखे थे। मैं अपनी आँखें बंद किए इस पल का मजा ले रही थी।
थोड़ी देर बाद अंकल खड़े हो गए। जब कुछ देर तक उनकी तरफ से कोई हरकत ना हुई तो मैंने अपनी आँखें खोलकर देखा कि क्या हुआ है।
तो अंकल खड़े होकर मुझे लेटी हुई को बड़े ही ध्यान से देख रहे थे।
मैंने अंकल से इशारों से पूछा कि क्या हुआ? अंकल बोले……
अंकल: भगवान ने तुम्हें बड़ी ही फुरसत में बनाया है। तुम्हारे जिस्म की हर एक चीज को।
मुझे ये सुनकर शर्म आ गई और मैंने अपना मुँह साइड में कर लिया और अंदर ही अंदर मुस्कुराने लगी।
इतनी तारीफ तो मेरे हस्बैंड ने भी कभी नहीं की थी मेरे जिस्म की।
अंकल: पर तुमने गलत आदमी से शादी कर ली।
मैं ये सुनकर एकदम शॉक्ड हो गई कि अंकल ऐसा क्यों बोल रहे हैं।
मैं: मतलब?
अंकल: जैसा तुम्हारा जिस्म है, तुम्हें शादी भी ऐसे ही आदमी से करनी चाहिए थी जो इसकी कदर करता। तुम्हें मेरे जैसे हट्टे-कट्टे आदमी से शादी करनी चाहिए थी जो तुम्हारे इस जिस्म को अच्छी तरह रगड़-रगड़के प्यार किया करता।
अब मैं उनकी बात का मतलब समझ गई थी कि वो क्या कहना चाहते हैं।
ये बात तो सच है कि मेरे हस्बैंड ने आज तक मेरे साथ कभी भी ऐसे रोमांस और सेक्स नहीं किया था जैसे आज मेरे साथ अंकल कर रहे थे।
जो कि मुझे एक नया एक्सपीरियंस हो रहा था।
फिर अंकल मुझे ये बोलकर बाहर हॉल में चले गए। 1 मिनट में अभी आया।
बाहर जाते टाइम उनका लंड ऐसे हिल रहा था जैसे कोई डंडा हिल रहा हो।
उनके जाने के बाद मैं उनके लंड को याद करके मुस्कुराने लगी। मैं अभी भी ऐसे ही लेटी हुई थी जैसे अंकल ने कहा था।
थोड़ी देर बाद अंकल वापस रूम में आए। उनके एक हाथ में शराब की बोतल और दूसरे हाथ में खाली गिलास था।
(शायद वो बाहर से ही पीकर अंदर आए थे।)
फिर अंकल ने एक छोटी टेबल बेड के पास लाकर रखी जहाँ पर मैं लेटी हुई थी, मेरे पैरों की तरफ।
उस टेबल पर उन्होंने बोतल और गिलास दोनों रख दिए और खुद भी नीचे बैठ गए जहाँ पहले बैठे थे।
फिर अंकल बोले……
अंकल: पीओगी?
मैं: नहीं।
मुझे तो शायद अंकल ने पहले से ही पिलाई हुई थी जिसका असर मुझ पर अब तक था।
अंकल ने फिर से अपने हाथ मेरी थाईज पर फेरने शुरू कर दिए। थोड़ी देर बाद अंकल ने अपने दोनों हाथ मेरे दोनों घुटनों पर रखे और मेरी टाँगों को एक-दूसरे से अलग करना शुरू कर दिया।
जो अब तक आपस में मिली हुई थीं। मुझे अब बहुत शर्म आने लगी थी क्योंकि अब मेरी चूत अंकल के सामने जो आने वाली थी।
मैंने अपना एक हाथ मोड़कर अपनी आँखों पर रख लिया। अब मेरा दिल बहुत जोर-जोर से धड़कने लगा था। शायद मेरे दिल की धड़कन अंकल को भी सुनाई दे रही होंगी, इतनी जोर-जोर से मेरा धड़क रहा था उस टाइम।
अंकल ने अब मेरी टाँगें फैला दी थीं। एक टाँग ईस्ट में तो दूसरी टाँग वेस्ट में कर दी थीं। अब मेरी चूत अंकल के सामने थी जिसे शायद अंकल बड़े ध्यान से देख रहे थे।
क्योंकि अंकल ने कुछ देर तक कोई हरकत नहीं की थी। थोड़ी देर बाद अंकल बोले……
अंकल: वाह!! क्या बात है। तुम्हारी चूत तो बहुत ही खूबसूरत है। बिल्कुल गुलाब की तरह गुलाबी।
(मेरी चूत का रंग गुलाबी ही था।)
मुझे ये सुनकर बहुत शर्म आई।
अंकल: इसे देखकर लगता है कि समीर ने इस पर ज्यादा मेहनत नहीं की है। देखने में भी टाइट लग रही है।
मुझे उस वक्त इतनी शर्म आ रही थी कि मैं बता नहीं सकती।
फिर अंकल ने अपना एक हाथ घुटने पे से उठाके चूत पर रख दिया।
मेरे मुँह से बहुत जोर की सिसकी निकली।
मैं: आआह्ह्ह्ह ईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्
फिर अंकल अपना हाथ मेरी चूत पर बड़े ही प्यार से फेरने लगे और बोले……
अंकल: ये तो एकदम मक्खन जैसी है। बिल्कुल मुलायम। (मैंने शाम ही चूत की शेव की थी।)
अंकल: ऐसी चूत तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखी।
थोड़ी देर अंकल ने मेरी चूत पर हाथ फेरा ऊपर-नीचे करके, बड़े ही प्यार से।
फिर अंकल बोले……
अंकल: तुम्हारी चूत चाटी है किसी ने पहले?
मैं: नहींईईई। (शर्माते हुए)
अंकल: समीर ने भी नहीं?
मैं: उम्म्म्ह्ह्ह्हू। (ना करी)
अंकल: इतनी प्यारी चूत को चाटे बिना कोई कैसे रह सकता है।
मैंने सिर्फ पॉर्न मूवी में ही देखा था चूत चाटते हुए। समीर ने तो मेरी चूत को कभी देखा भी नहीं, चाटने की तो बहुत दूर की बात है।
फिर अंकल ने मेरी चूत पर अपना मुँह रख दिया और चूत को चाटने लगे।
मेरे मुँह से बहुत जोर से सिसकी निकली जब अंकल ने चूत पर मुँह लगाया।
मैं: आआह्ह्ह्ह उम्मम्म ईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् मर गई मैं तो!
मुझे इतना मजा आया कि मुझे उस टाइम ऐसा लगा जैसे मेरी जान ही निकल गई हो मजे में।
अंकल अपनी जीभ निकालकर मेरी चूत में डालकर नीचे से ऊपर को फेरते तो मेरी गाँड हवा में उठ जाती मजे में।
मेरे मुँह से कंटीन्यू सिसकारियाँ निकल रही थीं जोर-जोर से। ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं मिला था जितना मजा मुझे आज मिल रहा था।
मैंने अपना हाथ अंकल के सर पर रखकर चूत की तरफ को प्रेशर देने लगी।
उस टाइम ऐसा मन कर रहा था कि अंकल का पूरा मुँह चूत के अंदर घुसा दूँ।
लेकिन अंकल तो एक अच्छे और पुराने खिलाड़ी थे। वो धीरे-धीरे बड़े ही प्यार से मेरी चूत को चाट रहे थे।
कभी पूरी चूत पर जीभ फेरते, कभी चूत के अंदर जीभ डालकर आगे-पीछे करते तो कभी चूत के दाने पर।
अब मुझसे बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो गया था क्योंकि मैं पहले से ही बहुत गरम थी और अंकल का यूँ मेरी चूत को चाटना…… उफ्फफफफ!
अंकल ने एक बार फिर मुझे झड़ने पर मजबूर कर दिया। अबकी बार मैं चीखते हुए झड़ी।
मैं: आआह्ह्ह्ह अंकल मैं गई!
और जोर से चाटो मेरी चूत को प्लीज!
आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह उम्मम्म उम्मम्म उउउउउईईईईईईईईईईई
मैं इतनी जोर-जोर से चीख रही थी। अगर हमारा रूम साउंड प्रूफ नहीं होता तो मेरे चीखने की आवाज बाहर लोग भी सुन लेते।
मैं झड़ते हुए अंकल के सर को जितनी ताकत से अपनी चूत पर दबा सकती थी उतनी ताकत से मैंने दबाया।
और अंकल मेरी चूत का रस ऐसे पी रहे थे जैसे कोई अमृत हो।
जब मैं झड़कर शांत हो गई तो अंकल बोले……
अंकल: वाह!!! क्या टेस्ट है तुम्हारी चूत के रस का। ऐसा रस तो मैंने कभी पिया ही नहीं।
मैं झड़कर ऐसे शांत हो गई थी जैसे कोई सोता हुआ इंसान।