Jethji se chudai karke pregnant hui:- हैलो गाइज, मेरा नाम रुही है। मेरी उम्र 21 साल है। ये स्टोरी आज से 1 साल पुरानी है। मैंने काफी स्टोरीज पढ़ी हैं देसी कहानी पे। मैं यहाँ की एक रेगुलर रीडर हूँ।
मेरी हाइट 5 फीट 2 इंच है। मैं थोड़ी स्किनी हूँ। मेरा रंग गोरा है। बूब्स भी ज्यादा बड़े नहीं हैं। मेरी शादी को 3 साल हो चुके। मेरे हस्बैंड मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैं भी उनसे उतना ही प्यार करती हूँ।
मेरे हस्बैंड और मैं ट्राई बहुत करते हैं, लेकिन मुझे बच्चा नहीं हो पा रहा है। मैं कुछ भी करने को तैयार थी प्रेग्नेंट होने के लिए। फिर एक दिन आया और सब कुछ बदल गया। अब पढ़िए कैसे क्या हुआ।
Jethji se chudai karke pregnant hui
मेरे ससुराल में हम सब नॉर्मल कपड़े ही पहनते हैं सलवार सूट टाइप। या जींस कुर्ती भी। मेरे ससुराल में हम 7 लोग रहते हैं। मेरे हस्बैंड का नाम जिगर है। उम्र 24 है। एवरेज बॉडी है। दिखने में अच्छे हैं। रंग गोरा। 5 इंच का लंड है और चोदते भी अच्छा है।
हम ऊपर के फ्लोर पे और मेरे सास-ससुर (जो ज्यादातर बाहर ही रहते थे) नीचे रहते हैं। मेरी जेठानी (अलिया उम्र 25) रंग गोरा बड़े बूब्स थोड़ी मोटी गाँड थोड़ी फैशनेबल।
मेरे जेठ जी संदीप। सब प्यार से उन्हें संजय बुलाते हैं। उनकी उम्र 29 है। फिट बॉडी, रंग गोरा, फुली मेंटेंड जिम बॉडी। उनके लंड का साइज 8 इंच है, जो मुझे बाद में पता चला। और उनका एक बच्चा है, बेटा 4 साल का। ये भी नीचे के फ्लोर पे ही रहते थे।
हमारी मिडिल क्लास फैमिली खुशी-खुशी रहती थी। बस कभी-कभी मेरी प्रेग्नेंसी को लेकर बात-चीत बिगड़ जाती। मुझे बच्चा नहीं हो रहा था। हमने काफी डॉक्टर्स को दिखाया, बहुत कुछ किया। मेरे हस्बैंड बिना कंडोम के ही मेरी चुदाई करते थे।
हम सब कुछ ट्राई करते थे। अलग-अलग टैबलेट खाना, अलग-अलग पोजीशन्स ट्राई करना। डाइट भी सही रखा हमने। लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो रहा था। और सब मुझे ही दोष देते थे। ताने देते थे।
अब सीधा चलते हैं मैं स्टोरी पे—
मेरी जेठानी की शादी को 5 साल हो गए थे, और वो शादी के 3 महीनों में ही फर्स्ट टाइम प्रेग्नेंट हो गई थी, लॉकडाउन के टाइम पे। और वो अभी दूसरी बार प्रेग्नेंट है। यहाँ मेरे से कुछ नहीं हो रहा था। मैं खुद सेल्फ-डाउट में थी।
बात तब की है, जब मेरी जेठानी उनकी मम्मी के घर गई थी 1-2 महीने के लिए। मेरे जेठ जी थोड़े गुस्सैल टाइप हैं। ज्यादा बात-चीत नहीं करते थे किसी से भी। एकदम शरीफ और शांत नेचर (ऐसा सब को लगता था)। मुझे लगता था मेरी जेठानी कैसे रहती होगी संजय के साथ।
फिर एक दिन मेरी आँखें खुल गईं, जो मैंने देखा। एक दिन ऐसे ही मैं मेरे जेठ जी का रूम साफ कर रही थी। तो उनका एक ड्रॉअर जो हमेशा लॉक रहता था, वो शायद बाय मिस्टेक से खुला रह गया था। और उस दिन मैं घर में अकेली थी।
मेरे सास-ससुर किसी शादी में गए थे 15 दिनों के लिए। हम 3 लोग ही थे घर में।
मेरे जेठ जी के रूम में ड्रॉअर है। मैंने ड्रॉअर खोला तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ।
मैंने देखा उस ड्रॉअर में दो डिल्डो, एक वाइब्रेटर, और कुछ कंडोम्स कुछ टैबलेट्स और 1-2 चीजें थीं। तो मुझे समझ आ गया मेरे जेठ-जेठानी कितने चुदाक्कड़ थे। फिर पता नहीं मुझे क्या हुआ। मैंने मेन डोर चेक किया अच्छे से बंद तो था।
फिर मैं वापस रूम में आई और अपने कपड़े उतारके उन्हीं के बेड पे लेट गई। उसके बाद उसमें से एक डिल्डो निकालके उससे खेलने लगी। उसे ब्लोजॉब देने लगी। मैंने पहली बार डिल्डो हाथ में लिया था। पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने धीरे-धीरे उसे अपनी चूत में लेने लगी। वो 7 इंच का डिल्डो था। मैंने उसे अच्छे से गीला किया और आँखें बंद करके अपनी चूत में डालने लगी। पहले मुझे थोड़ा दर्द हुआ।
जैसे-जैसे मुझे मजा आने लगा, मेरी आँखों के सामने मुझे जेठ और जेठानी दिखने लगे। मैं सोचने लगी वो क्या-क्या करते होंगे। मेरे जेठ जी कैसे चोदते होंगे मेरी जेठानी को और क्या-क्या करते होंगे।
दिखने में एकदम शरीफ थे दोनों। मुझे तो लगता था संजय चुदाई भी इतनी नहीं करते होंगे। लेकिन आज तो उनका असली रूप देखने लगा। मैंने 15-20 मिनट उस डिल्डो चूत में लेकर अंदर-बाहर करने लगी। फिर जोर से मोअन करने लगी। मुझे किसी का डर नहीं था।
फिर मैं अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई। मेरी चूत से बहुत सारा पानी का फव्वारा निकलने लगा। बहुत मजा आया। इतना मजा तो मुझे मेरे हस्बैंड के साथ भी नहीं आया था।
बेड पूरा गीला हो चुका था। मुझे बाद में डर लगने लगा अगर बेड नहीं सूखा तो। अगर संजय को पता लग गया तो मैं तो गई। मैं डरने लगी क्या होगा। तो मैं फैन ऑन करके रूम से निकल गई। सब साफ करके। फिर रात को जब सब डिनर के लिए टेबल पे बैठे, तो मेरी नजर ही नहीं हट रही थी जेठ जी से।
मुझे बार-बार सब याद आ रहा था। रात को रूम में जाने के बाद मैंने एक सेक्सी बेबी डॉल पहनी और संजय को याद करके अपने हस्बैंड से खुद जोर से चुदी। चुदाई के टाइम मेरे हस्बैंड भी मुझे बोलने लगे क्या हो गया मुझे आज। मैं अलग आग लिए थी अपने अंदर। फिर मेरे हस्बैंड सो गए। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी।
मैं संजय के बारे में ही सोच रही थी, कि वो कितने चुदाक्कड़ थे। इसलिए 5 साल में मेरी जेठानी 2 बार प्रेग्नेंट हो गई। क्या मैं भी संजय से चुदने का ट्राई करूँ?
3-4 घंटे बाद मैंने डिसाइड कर ही लिया कि मैं संजय से एक बार तो चुदके ही रहूँगी और शायद प्रेग्नेंट होने के लिए भी मना लूँगी।
क्योंकि मुझे पता लग गया था वो भी काफी भूखे होंगे चुदाई के लिए।
अगली सुबह मैं उठी, नाश्ता और टिiffin पैक किया। वो दोनों शॉप चले गए। अब मैं यही सोच रही थी कि कैसे जेठ जी को पटाया जाए। दिन भर इसी में निकल गया। और फिर मुझे रात की तैयारी भी करनी थी। मेरे हस्बैंड का बर्थडे था अगले दिन।
फिर रात को मेरे हस्बैंड के साथ सुबह 4 बजे तक चुदाई हुई। हमारा झगड़ा भी हुआ। मेरे हस्बैंड को मेरी गाँड मारनी थी, पर मुझे डर लगता है। मैंने कभी नहीं किया है।
अगली सुबह मेरे हस्बैंड ऐसे ही नाराज होकर चले गए। मुझे अच्छा नहीं लग रहा था तो मैंने सोचा क्यों ना थोड़े न्यूड्स भेज दूँ उनका दिल खुश करने के लिए। क्योंकि मेरे हस्बैंड अगली सुबह 4-5 दिनों के लिए बाहर जाने वाले थे।
तो मैं थोड़े बहुत न्यूड फोटोज वीडियोज भेजे, और नीचे एक मैसेज लिख दिया, “सॉरी बेबी, आपके आने के बाद आपको मेरी गाँड गिफ्ट कर दूँगी।”
फिर मेरे हस्बैंड खुश हो गए। मुझे भी अच्छा लगा। उसके बाद मैंने सोचा क्यों ना यही सेम चीज संजय के साथ भी करूँ। मैंने थोड़ा सोचा और भेज दिया। अगर कुछ उल्टा हुआ तो बोल दूँगी गलती से आपको भी भेज दिया। बोथ साइड मेरी विन-विन ही थी।
और मैंने भेज दिया। उन्होंने मेरी फोटोज सीन तो कर ली थीं, लेकिन कुछ रिप्लाई नहीं आया। तो मैं सोचने लगी कहीं रात में मेरे हस्बैंड के सामने कुछ ना बोलें। दिन भर इसी टेंशन में रही। रात को डिनर के टाइम पे संजय कुछ नहीं बोले। लेकिन मुझे घूरे जा रहे थे। फिर रात को मेरी चुदाई हुई। मेरे हस्बैंड खुश थे, लेकिन मैं टेंशन में थी।
फिर सुबह संडे था। मेरे हस्बैंड बाहर चले गए अर्ली मॉर्निंग 7 बजे। संडे हम सब लेट ही उठते थे। अब घर में और संजय अकेले ही थे। सुबह मैं नीचे आई तो संजय सोया ही था। मैंने उनके रूम का डोर चेक किया तो खुला था शायद गलती से रह गया हो।
मैंने अंदर देखा तो संजय फुली नेकेड सोया हुआ था। उनका 8 इंच का लंड पूरा खड़ा था। उनका लंड देखके मेरे मन में हुआ कि जाके चूस लूँ। लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया और कल वाली बात के बारे में सोचने लगी कि अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया।
थोड़ी देर बाद संजय बाहर आए और ब्रेकफास्ट के लिए टेबल पे बैठे। हम दोनों ब्रेकफास्ट करने लगे। तभी संजय बोले—
संजय: कल क्या भेजी थी तू ये?
रुही: आपको तो कुछ भी नहीं भेजी (अनजान बनते हुए)।
संजय: ये देख (फोन में दिखाते हुए)।
रुही: सॉरी-सॉरी, वो आपके भाई को भेजी थी (थोड़ी रोने जैसा)। वो नाराज हो गए थे।
संजय: किसी और को तो नहीं भेजी ना, चेक कर ले।
फिर मैं चेक करने का नाटक करने लगी।
रुही: सॉरी-सॉरी, प्लीज डिलीट कर दो।
संजय: ये सब क्या है? अच्छा लगता है क्या ऐसा (मुझे चिल्लाने लगे)?
फिर उनको समझाने लगी कि ऐसा नहीं वैसा और लास्ट में एक लाइन और डाल दी कि: एक तो बच्चा नहीं हो रहा है, और ऊपर आपके भाई को वो सब चाहिए।
तो उनको थोड़ा अच्छा नहीं लगा तो वो बोले ये ट्राई करो वो ट्राई करो। तो मैं बोली सब ट्राई कर लिया और मैंने गौर से देखा तो उनका लंड शॉर्ट में खड़ा हो चुका था। फिर मैं धीरे से उनके पास जाके उनके लंड को हाथ लगाते हुए बोली—
रुही: आप ही हेल्प कर दो ना। अब आप ही मेरे आखिरी रास्ता हो प्रेग्नेंट होने के लिए। मैं किसी को पता नहीं लगने दूँगी, ये हम दोनों का राज़ रहेगा।
और ये बोलते हुए मैं उनका लंड मसलने लगी और उनके होंठों पे होंठ रख दिए। वो भी साथ देने लगे। तो मैं वहीं टेबल की साइड में नीचे बैठ उनके शॉर्ट उतारके लंड मुँह में लेने लगी।
संजय: आआआह्ह्ह रुही, अच्छे से चूस। कब से वेट कर रहा था तुझे चोदने के लिए आआआह्ह्ह।
फिर मैं एक हाथ से उनके बॉल्स से खेलने लगी। नजर ऊपर करी तो संजय की आँखें बंद थीं और वो सिसकारियाँ ले रहे थे।
संजय: आआआह्ह्ह, और अंदर ले, मजा आ रहा है।
फिर एक हाथ से मेरा सिर दबाने लगे और दूसरे हाथ से बूब्स दबाने लगे। मैं भी पूरे जोश में आकर अंदर तक लेने लगी। वो भी खड़े होकर मेरे गले तक लंड डालने लगे। मुझे साँस नहीं आ रही थी। मेरी आँखों में आँसू आने लगे। मुझे हार्ड सेक्स नहीं पसंद, लेकिन पता नहीं क्यों संजय के साथ मजा आने लगा।
वो पूरा लंड मेरे गले में अंदर तक डाल चोक करने लगे। फिर संजय ने 15 मिनट तक मेरा मुँह चोदा और मेरे मुँह में ही झड़ गए। मैं थूकने वाली थी, कि मेरे मुँह बंद कर दिया और ना चाहते हुए भी मुझे उनका स्पर्म पीना पड़ा। ये मेरा फर्स्ट टाइम था। मैंने लंड का पानी पिया था। मुझे बहुत अजीब लगा। फिर संजय खड़े हुए मुझे चोदने के लिए, लेकिन मैंने मना कर दिया।
रुही: मुझे चोदना है, तो मेरी कुछ शर्तें हैं।
मुझे बिना कंडोम के चोदे।
ये सिर्फ मेरे प्रेग्नेंट होने तक ही चलेगा।
मैं एनल सेक्स नहीं करूँगी।
संजय: एक बार चुदाई शुरू तो हो जाने दे। फिर देख तू खुद ही अपनी ठुखाने के लिए तड़पेगी और बोलेगी। अगर तुझे प्रेग्नेंट होना है, तो मेरी भी कुछ शर्तें हैं।
जब तक प्रेग्नेंट नहीं होती, तब तक सिर्फ मेरे से ही चुदवाना पड़ेगा। अपने हस्बैंड के साथ सेक्स नहीं करेंगी।
जैसे मैं बोलूँ वैसा ही करना पड़ेगा। मैं जैसे चाहे वैसे चोदूँगा।
गाँड तो मरवानी पड़ेगी। मेरा भी तो कुछ फायदा हो।
तो मैंने मना कर दिया।
वो बोले—
संजय: ठीक है, तेरी मर्जी। फिर भी सोच ले एक बार, रात तक टाइम है। मेरा लंड तो देख ही चुकी है तू। ऐसे मौके बार-बार नहीं मिलते।
मैं भी सोचने लगी। फिर वो बाहर चले गए। फिर मैं सोचने लगी और उनके लंड का साइज याद करते ही मेरी चूत में खुजली सी होने लगी। और सिर्फ गाँड ही तो देनी है। बदले में मैं प्रेग्नेंट भी तो हो रही हूँ।
सो मैंने संजय को टेक्स्ट कर दिया कि, “आई एम रेडी। सी यू टुनाइट।”
सो गाइज आगे क्या हुआ, कैसे हुआ, वो सब आपको नेक्स्ट पार्ट में बताऊँगी। और कैसे एक-दो राज़ खुले और कैसे हमने मेरी जेठानी के साथ थ्रीसम किया।